Thursday, 28 November 2024

तेरे संग

 तेरे संग वह बारिशे, जैसे कोई इत्र सा,

तेरे संग वह धूप, जैसे कोई बसंत सा ।

राहों में जब हो तुम, राहे फिर मंजिल सा,

तेरे संग चार कदम, जैसे कोई धाम सा ।।


-MS